Tuesday, November 5, 2024

तेरे घर के पास आया था
तुम दिखी नहीं
मेरी नजर थक गई।
में वापस चला गया 
पुरानी यादों के साथ
जिंदगी हे
तबतक भरोसा हे 
नजर मिलेगी कभी तो।
अगर नई मिली नजर
तो भी क्या
प्यार एक सपना ही तो था ।


अंश

No comments:

Post a Comment