किसे से जब
प्यार का सिल सिला बढ़
जाता है
तब
उसे
प्रगट करने
के
दो
होठों से फूल से
प्यार भरी
आंखोसे
चूमते हे
रात हो ते ही
चांद रोशनी रेलाती है।
पपिया आम के झाड़ पर
मीठे गीत गातीहे
मोरनीभी पंख पसारकर
नाचती हे
जब धरती तपती हे
तब बारिश गिरती है
नदिया अपने आप समुंदर से मिलती है
बसंतमें फूल फूल लहराते है
राधा किशनकी बांसुरी
सुनके
जुमती है
क्या ये सब प्यार नही है
किसने इन कार किया
प्यार को
बरसने से?
और तुम?
_ hetu@B
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